श्री विजयपुरम, 14 सितंबर 2026 भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजयपुरम द्वारा हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी पखवाड़ा–2026 के उद्घाटन समारोह एवं एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन 14 सितंबर 2026 को प्रातः 10:30 बजे डॉ. टी. आर. दत्ता सभागार में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के गीत के साथ हुआ। तत्पश्चात मंचासीन गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर हिंदी पखवाड़ा–2026 का विधिवत एवं भव्य शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी श्री कनिष्क भूकर ने मुख्य अतिथि श्री संजीव कुमार दास, डॉ. पूजा, हिंदी कक्ष की प्रभारी, वैज्ञानिकों, तकनीकी एवं प्रशासनिक कर्मचारियों, कुशल सहायक कर्मचारियों तथा अन्य उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों और हिंदी प्रेमियों का हृदयपूर्वक स्वागत एवं अभिनंदन किया।
हिंदी पखवाड़ा–2026 के उद्घाटन अवसर पर “कार्यालयी हिंदी” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में डॉ. पूजा ने अपने संबोधन में भारतीय संविधान में राजभाषा हिंदी से संबंधित प्रावधानों एवं नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने संविधान में हिंदी की स्थिति, राजभाषा के प्रयोग तथा कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रभावी उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यालयीन कार्यों में हिंदी को सरल, स्पष्ट एवं प्रभावी रूप में अपनाने पर भी जोर दिया। श्रीमती रीना सहा ने हिंदी पखवाडा-2026 के दौरान होने वाले प्रतियोगिताओ के बारे में विवरण दिया और सभी से सक्रीय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया l
मुख्य अतिथि श्री संजीव कुमार दास ने अपने संबोधन में हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे व्यापक जनसंपर्क एवं प्रभावी संचार का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने संस्थान द्वारा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं राजभाषा के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों में सभी की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
संस्थान के निदेशक डॉ. जय सुंदर ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राजभाषा हिंदी का प्रभावी कार्यान्वयन केवल एक औपचारिक दायित्व नहीं है, बल्कि यह कार्यालयीन कार्यों को सरल, सहज एवं जनसुलभ बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने हिंदी भाषा के इतिहास एवं महत्व पर भी प्रकाश डाला।
अपने संबोधन के दौरान निदेशक महोदय ने अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के किसानों तक प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण एवं प्रसार में हिंदी के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने वैज्ञानिकों से अधिकाधिक वैज्ञानिक लेख एवं कृषि संबंधी उपयोगी सामग्री हिंदी में प्रकाशित करने का आह्वान किया, ताकि किसान, हितधारक एवं आम नागरिक वैज्ञानिक एवं तकनीकी जानकारी को सरल भाषा में समझ सकें तथा उसका लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम के अंत में श्री ब्रजेश कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री श्याम सुंदर राव द्वारा सुचारू एवं प्रभावी ढंग से किया गया।